ग्रहों की गणना और व्याख्या

पृथ्वी के साथ सात ग्रह हैं – सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि। राहु और केतु ग्रह नहीं हैं, वे केवल छाया ग्रह हैं। यूरोप में निवास करने वाले ज्योतिषी उन दो ग्रहों को मानते हैं, जो आधुनिक विज्ञान और खगोलविज्ञान (Astronomy) के आधार पर भी होते हैं।

उन ज्योतिषियों ने आधुनिक विज्ञान और अन्य विज्ञानों के विकास पर भी निर्भर करके इन दो ग्रहों के फलाफल को महत्व दिया है। हालांकि, प्राचीन भारतीय ग्रंथों में यूरेनस और नेपच्यून का कोई उल्लेख नहीं है।

उपरोक्त ग्रहों का प्रभाव रात्रि और दिन के समय पृथ्वी के चारों ओर माना जाता है। शनि सबसे दूरस्थ ग्रह है और इसलिए पृथ्वी की परिक्रमा या बारह राशियों का भ्रमण, शनि के लिए लगभग 10,759 दिन (लगभग 30 वर्ष) लेता है। शनि के पास निकटवर्ती ग्रह बृहस्पति है, जिसे इन दिनों की तारीखों में लगभग 4,332 दिन (लगभग 12 वर्ष) में एक बार भ्रमण करता है।

बृहस्पति से निकटवर्ती मंगल है, जिसके लिए एक भ्रमण करने में लगभग 687 दिन लगते हैं। मंगल के बाद पृथ्वी आती है, जिसकी परिक्रमा लगभग 365 दिन (एक वर्ष) में होती है। इसके बाद शुक्र है, जो लगभग 225 दिनों में एक भ्रमण करता है। उसके बाद बुध है, जिसे लगभग 88 दिन में एक भ्रमण करते हैं। सबसे निकटवर्ती ग्रह चंद्रमा है, जो पूरी राशिमाला को 27 दिन 8 घंटों में भ्रमण करता है।

ज्योतिष में उच्च और नीच स्थान

राशिस्वामी
5 सिंहसूर्य्य
4 कर्कचन्द्रमा
1 मेष मंगल
8 वृश्चिक
2 वृषभ शुक्र
7 तुला
3 मिथुनबुध
6 कन्या
9 धनु बृहस्पति
12 मीन
10 मकर शनि
12 कुम्भ

सौरमंडल का सफर

पृथ्वी चलायमान है, जिसे हमारा धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों मानते हैं। पृथ्वी एक ग्रह है जो अपनी अक्षरेखा के चारों ओर घूमता हुआ सूर्य के चारों ओर चक्कर काटता है।

इसके परिणामस्वरूप, हमारे लिए सूर्य की प्रतीक्षा में रात्रि और दिन होते हैं। सूर्य तारा है जो स्थिर रूप से अपनी स्थिति बनाए रखता है और पृथ्वी के चारों ओर घूमता हुआ दिखाई देता है। इसलिए, पृथ्वी सूर्य के आस-पास घूमने के कारण चलायमान है।

चलो, हम एक सरल उदाहरण के माध्यम से इसे समझाते हैं। यह उदाहरण स्कूल के खेल के मैदान पर खेलते बच्चों के लिए है।

सोचिए आप एक बच्चा हो और खेल के मैदान पर खड़े हो। तुम्हारे आस-पास दूसरे बच्चे भी खड़े हैं। आप खेल मैदान पर एक बैट लेकर खेल रहे हो।

अब इस उदाहरण में, तुम खुद चलायमान हो, जबकि बैट अचल है। तुम मैदान के चारों ओर घूम रहे हो, जबकि बैट स्थिर है और उसकी स्थिति बदलती नहीं है। इस प्रकार, तुम खुद चल रहे हो, परंतु बैट स्थिर है।

वैसे ही, पृथ्वी भी खुद चलायमान है और सूर्य अचल है। पृथ्वी अपनी अक्षरेखा के चारों ओर घूमती है, जबकि सूर्य स्थिर रूप से अपनी स्थिति बनाए रखता है। इस तरह, पृथ्वी चलायमान है, जबकि सूर्य अचल है।

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